- बेसमेंट के अवैध उपयोग और नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने दी चेतावनी
हल्द्वानी। शहर में कार्यरत निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और डायग्नोस्टिक सेंटर्स को अब किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को आयोजित समन्वयात्मक बैठक में निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नियामकीय और व्यवस्थागत पहलुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में PCPNDT एक्ट, फायर सेफ्टी, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और बेसमेंट के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से सख्ती बरती गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में बेसमेंट का उपयोग स्टोर, वार्ड या किचन जैसी अनधिकृत गतिविधियों के लिए किया गया तो यह सीधा भवन मानचित्र का उल्लंघन माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अल्ट्रासाउंड संचालन में फॉर्म-F भरने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण की पारदर्शिता और बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण जैसे पहलुओं पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने सभी संस्थानों को फायर ऑडिट नियमित कराने, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मॉक ड्रिल कराने के सख्त निर्देश दिए। जन्म-मृत्यु पंजीकरण को समयबद्ध और ऑनलाइन एंट्री के साथ अपडेट रखने की बात भी दोहराई गई। बैठक में नगर आयुक्त ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, एसडीएम राहुल शाह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधि, IMA हल्द्वानी के चेयरमैन डॉ. प्रदीप पांडे, सचिव सहित सभी प्रमुख निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम्स और पैथोलॉजी संचालक उपस्थित रहे। प्रशासन ने दो टूक कहा कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जनता की सुरक्षा और चिकित्सा पारदर्शिता को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






