- बाजार में असली के नाम पर बिक रही थी जहरीली सिगरेट, STF की कार्रवाई से बड़ा गिरोह बेनकाब
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने शुक्रवार को एक संगठित नकली सिगरेट कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए देहरादून से ब्रांडेड गोल्ड फ्लैक सहित अन्य कंपनियों की 22,100 नकली सिगरेट की डिब्बियां बरामद की हैं। ये सिगरेट बिना किसी वैधानिक अनुमति और टैक्स भुगतान के बाजार में असली के रूप में बेची जा रही थीं। एसटीएफ को यह सूचना लान्सर नेटवर्क कंपनी के प्रबंधक अनुकल्प सिंह द्वारा दी गई थी कि देहरादून में कुछ व्यापारी नकली ब्रांडेड सिगरेट बेच रहे हैं, जिसकी सप्लाई दिल्ली और मुजफ्फरनगर से की जा रही है। इस पर एसएसपी एसटीएफ के निर्देश में पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आईटीसी से अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापेमारी की गई। निशांत ट्रेडर्स, दर्शन गेट के पास स्थित गोदाम पर कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली सिगरेट बरामद हुई। गोदाम से बरामद सिगरेट पर गोल्ड फ्लैक ब्रांड का लोगो, बारकोड और स्वास्थ्य चेतावनी की हूबहू नकल की गई थी, जिसे असली पैकेट्स जैसा दिखाने का प्रयास किया गया था। लान्सर नेटवर्क के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही पुष्टि की कि सिगरेटें पूरी तरह नकली हैं।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा कारोबार नकद लेनदेन के जरिये किया जा रहा था, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था। नकली माल सस्ते दामों में थोक विक्रेताओं तक पहुंचाया जाता था, जो असली रेट पर उसे फुटकर दुकानों को बेचते थे। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत को खतरा था बल्कि यह राजस्व चोरी का भी गंभीर मामला है। बरामद माल को सील कर आरोपी निशांत के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ को आशंका है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। पूछताछ और अन्य स्थानों पर छापेमारी के जरिए इस गिरोह की जड़ें तलाशने की कार्रवाई जारी है। नकली उत्पादों का निर्माण व वितरण राज्य की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। ऐसे मामलों में एसटीएफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।






