नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण करते हुए विभागीय कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण पटल और अदालतों में गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पटल सहायकों को कार्यप्रणाली सुधारने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने खासतौर पर रिकॉर्ड रूम के एक सेक्शन को डिजिटाइज करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में अन्य सेक्शनों को भी डिजिटल बनाया जा सके। एडीएम कोर्ट में मामलों की सुनवाई में खामिया सामने आने पर उन्होंने डीएम को एडीएम और पेशकार को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वादियों को पर्याप्त समय देने के बावजूद यदि सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होते हैं, तो ऐसे मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। एक वाद में आदेश लंबित होने पर आयुक्त ने खासतौर पर नाराजगी जाहिर की और कोर्ट की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एडीएम को एक माह का समय दिया।
डीएम कोर्ट का निरीक्षण अपेक्षाकृत बेहतर पाया गया, जहां सभी वाद आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज और व्यवस्थित मिले। खनन पटल पर आरसी जारी न होने के मामले में उन्होंने संबंधित क्लर्क से स्पष्टीकरण मांगा और राजस्व हानि रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रूम में नकल के लिए आवेदन करने वालों से फोन नंबर और हस्ताक्षर लेना अनिवार्य किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वंदना सिंह, अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चौहान, शिवचरण द्विवेदी और एसडीएम प्रमोद कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






