हल्द्वानी। बेटियों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में हल्द्वानी में जिला प्रशासन द्वारा तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर आज जीआईसी, हरीपुर जमन सिंह में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बालिकाओं द्वारा असुरक्षित स्थानों के चिन्हीकरण” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवीक्षा विभाग के अधिकारियों ने बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह ने बालिकाओं से असुरक्षित स्थानों और उनके अनुभवों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूर्व की कार्यशालाओं में चिन्हित स्थानों पर संबंधित विभागों द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिससे सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
कार्यशाला के दौरान बालिकाओं ने कई स्थानों को असुरक्षित बताया, जहां शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री खुलेआम होती है। कुछ स्थानों पर लड़के झुंड बनाकर लड़कियों को परेशान करते हैं और सुनसान इलाकों में पीछा करते हैं। साथ ही, स्ट्रीट लाइट की कमी और तेज़ गति से वाहन चलाने वाले असामाजिक तत्वों के कारण बालिकाओं में भय का माहौल बना हुआ है। कार्यशाला में बालिकाओं ने समाधान के लिए कई सुझाव भी दिए, जिनमें नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, होटल-ढाबों का निरीक्षण, सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग और असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग शामिल थी। कार्यक्रम के बाद संबंधित अधिकारियों ने बालिकाओं द्वारा चिन्हित स्थानों का निरीक्षण भी किया।

निरीक्षण में एक स्थान पर शराब की खाली बोतलें पाई गईं, जबकि एक अन्य जगह पर नियमों के उल्लंघन में एक बंगाली डॉक्टर का क्लीनिक पाया गया। इन मामलों में संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है। जिलाधिकारी ने भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को सख्त SOP जारी किए हैं। उनकी पहल पर हल्द्वानी में इन कार्यशालाओं का व्यापक असर दिखाई दे रहा है, और बालिकाओं को अब अपनी आवाज उठाने का विश्वास मिल रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य बेटियों के लिए ऐसा माहौल बनाना है, जहां वे निडर होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।






