हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने गुमशुदा प्रॉपर्टी डीलर रामशंकर की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने महज पांच दिनों के भीतर इस जघन्य अपराध को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। रामशंकर, जो कि डोईवाला देहरादून के निवासी और प्रॉपर्टी डीलर थे, 8 दिसंबर को अपने कार्यालय के लिए निकले थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों द्वारा थाना खानपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रामशंकर को उनके धन-दौलत की जानकारी होने के कारण निशाना बनाते थे। 8 दिसंबर को खेतों के बहाने बुलाकर उन्होंने रामशंकर को बंधक बना लिया। जब उनके पास केवल 400 रुपये मिले, तो गुस्साए आरोपियों ने उनका फोन और पासवर्ड छीनने की कोशिश की। पकड़े जाने के डर से उन्होंने रामशंकर का मुंह टेप से बंद कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपियों ने शव को छुपाने की कोशिश की। उन्होंने रामशंकर के शव को एक कट्टे में डालकर चंद्रपुरी घाट के पास रेत में दफना दिया। उनकी मोटरसाइकिल और पहचान पत्रों को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और मुखबिरों की जानकारी का विश्लेषण कर आरोपियों का सुराग लगाया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने रामशंकर के फोन और यूपीआई खाते का उपयोग कर 30,000 रुपये निकाले। आरोपी रोबिन और अक्षय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी अंकित फरार है। पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए सघन तलाश में जुटी है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने इस सफलता का श्रेय पुलिस टीम के कठिन परिश्रम और सूझबूझ को दिया। टीम ने स्थानीय स्तर पर व्यापक जांच करते हुए गुमशुदगी के इस मामले को हत्या में बदलने वाले अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।






