- तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का मामला कैबिनेट में आएगा: डॉ. धन सिंह रावत
देहरादून। प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के अंतर मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज करने का फैसला किया गया है। राज्य के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि सहायक अध्यापक (एलटी) के 386 शिक्षकों के स्थानांतरण अगले 10 दिनों के भीतर पूरे कर दिए जाएंगे। आज माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति में आ रही वरिष्ठता विवाद की समस्या का समाधान जल्द होगा। इसके लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें शिक्षा, न्याय, वित्त और कार्मिक विभाग के अधिकारी शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सचिव विद्यालयी शिक्षा को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का प्रस्ताव तैयार कर इसे जल्द कैबिनेट में लाने का निर्णय हुआ। इसके साथ ही अन्य मुद्दों जैसे जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल में उच्चीकरण के बाद शिक्षकों के समायोजन, अतिथि शिक्षकों की वेतनवृद्धि, मानदेय प्राप्त पीटीए शिक्षकों को अतिथि शिक्षकों के समान लाभ देने, और प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों को डाउनग्रेड पदोन्नति के जरिए भरने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. रावत ने यह भी बताया कि कुमाऊं मंडल के 223 और गढ़वाल मंडल के 173 शिक्षकों के अंतर मंडलीय स्थानांतरण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया और पदोन्नति के विवाद का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत और महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के शिक्षकों और तदर्थ कर्मचारियों के लिए यह कदम राहत की बड़ी उम्मीद लेकर आया है। अब सभी की निगाहें स्थानांतरण प्रक्रिया और विनियमितीकरण के प्रस्ताव पर टिक गई हैं।






