- पीएम मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया छात्रावास का शिलान्यास
- शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बोले, जनजातीय छात्रों को मिलेगा विशेष लाभ
देहरादून। उत्तराखंड के जनजातीय छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से सभावाला (विकासनगर) में बनने वाले जनजातीय छात्रावास का शिलान्यास किया। यह छात्रावास प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत हुआ है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड से वर्चुअल रूप से देशभर के अन्य जनजातीय छात्रावासों और एकलव्य आवासीय छात्रावासों का शिलान्यास भी किया। उत्तराखंड के तीन स्वीकृत छात्रावासों में से एक का निर्माण सभावाला में किया जाएगा, जिसका शिलान्यास कार्यक्रम देहरादून के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेडा में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण किया और राज्य के लिए स्वीकृत इस महत्वपूर्ण योजना के लाभों पर प्रकाश डाला। उनके साथ त्रिपुरा विधानसभा के उपाध्यक्ष रामप्रसाद पाल और मणिपुर के बाबुल झा ने भी इस गरिमामयी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत कमजोर जनजातीय समूहों, विशेष रूप से उत्तराखंड की बुक्सा और राजी जनजातियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी साझा की। वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को सभी उपस्थित छात्रों और अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना, जिसमें उन्होंने सरकार की प्राथमिकता को दोहराया कि जनजातीय समाज को हर प्रकार की सुविधाओं का लाभ दिलाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों के लिए आवास, स्वच्छ जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क और दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके तहत 550 जिलों के 65,000 जनजातीय समूहों के परिवारों को लाभान्वित करने हेतु लगभग 80,000 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने संबोधन में इस योजना को जनजातीय समाज के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज देश की परंपराओं और संस्कृति को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और इस वर्ष राज्य की शिक्षा व्यवस्था को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में अपर राज्य परियोजना निदेशक और माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर निदेशक अकादमिक वंदना गर्थ्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास, अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रघुनाथ लाल आर्य, पदमेन्द्र सकलानी, दिनेश चंद्र गौड़, जे.पी. काला, पंकज शर्मा, श्रीमती मंजु भारती, अजीत भण्डारी, पल्लवी नैन और अन्य गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन स्टाफ ऑफिसर समग्र शिक्षा बीपी मंडोली द्वारा किया गया।







