एजेंसी/नैनीताल। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित व्यायामशाला की भूमि पर भारी मात्रा में अतिक्रमण हुआ है। उच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त न्यायमित्र अधिवक्ता की रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। न्यायमित्र अधिवक्ता गोपाल के वर्मा की ओर से मंगलवार को उच्च न्यायालय में इस मामले में रिपोर्ट में पेश की गयी है। रिपोर्ट में कहा गया कि नजूल भूमि पर स्थित व्यायामशाला के लगभग पांच एकड़ भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सैकड़ों लोगों ने दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाये हैं। इनमें से मात्र 20 लोगों द्वारा ही फ्री होल्ड कराया गया है। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने सरकार को इस मामले में जवाब देने को कहा है। इसके बाद इस मामले में अदालत अपना निर्णय जारी करेगी।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में इस मामले में आज सुनवाई हुई। अदालत ने रिपोर्ट को रिकार्ड में ले लिया है। व्यायामशाला समिति के पदाधिकारी मांगेराम गुप्ता की ओर से वर्ष 2018 में मुख्य न्यायाधीश के नाम एक पत्र लिखा गया था। जिसमें कहा गया था कि मटर गली स्थित व्यायामशाला की भूमि पर सैकड़ों लोगों ने कब्जा कर दिया है। इसमें एक राजनीति दल का कार्यालय भी है। पत्र में व्यायामशाला की भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने की मांग की गयी थी। इसके बाद न्यायालय ने इस मामले में एक जनहित याचिका दायर कर ली थी।






