हल्द्वानी। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बीते दिनों राज्य मार्गो औऱ सड़क किनारे सरकारी एवं वन भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर डीएम एवं डीएफओ की निर्देश दिए थे। जिसके विरोध में व्यापार मंडल ने महापंचायत करने का ऐलान किया है। महापंचायत को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिला नैनीताल के पदाधिकारियों ने बुधवार को रामपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि सरकार ने हाईकोर्ट के नाम पर जो तुगलकी फरमान सुनाया है, इसके विरोध में महापंचायत रखी गई है, जिले की सभी 25 नगर इकाइयों के प्रतिनिधि आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों को किसी भी कीमत में उजड़ने नहीं दिया जायेगा, जिसके लिए व्यापारी समाज वृहद आंदोलन की रणनीति बना रहा है। उन्होंने कहा जो व्यापारी 50 सालों से अपनी आजीविका चला रहे है, उन्हें यूँ ही नही हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा 28 अगस्त सोमवार को सुबह 11 बजे भीमताल के रामलीला मैदान में महापंचायत का ऐलान किया गया है, जिसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जायेगी। इधर जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों का शोषण किसी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।जिला महामंत्री हर्ष वर्द्धन पांडे ने कहा कि यदि व्यापारियों को उजाड़ गया तो पहले नैनीताल जिला बंद करवाया जायेगा और फिर भी सरकार नहीं चेती तो पूरे उत्तराखंड बंद का आवाहन करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष से अनुरोध किया जायेगा।







