एजेंसी/नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल में अतिक्रमणकारियों का मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ इस मामले में शुक्रवार, 21 जुलाई यानी आज सुनवाई करेगी।मेट्रोपोल क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों की ओर से इस मामले को गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाया गया और तत्काल सुनवाई की मांग की गयी। अदालत ने उनकी मांग को ठुकरा दिया और तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही इस प्रकरण को शुक्रवार को सुनवाई के लिये तय कर दिया गया है।अतिक्रणकारियों की ओर से महमूद अली एवं अन्य लोगों की ओर से याचिका दायर कर उपजिलाधिकारी राहुल साह की ओर से जारी 24 जून के नोटिस को चुनौती दी गयी है जिसमें उन्हें शत्रु संपत्ति को खाली करने के निर्देश दिये गये हैं। नोटिस में कहा गया है कि तय तिथि के बाद प्रशासन अतिक्रमणकारियों को जबरन हटाने को मजबूर होगा।
दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से आज अतिक्रमित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गयी है। यहां बाहरी लोगों के आने, जुलूस सभा और पांच लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन की ओर से साफ साफ कहा गया है कि शनिवार से प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही अमल में लायेगा। यह भी पता चला है कि गुरुवार को हल्द्वानी से जमीयत उलेमा हिंद के कुछ पदाधिकारी अतिक्रमणकारियों से मिले और उन्हें इस लड़ाई को कानून सम्मत तरीके से लड़ने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि यह राजा महमूदाबाद की संपत्ति है और यह वाद उच्चतम न्यायालय में लंबित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इसलिये जब तक यह मामला पूरी तरह से निस्तारित नहीं हो जाता तब तक अतिक्रमणकारियों को यहां से न हटाया जाये। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी गुरुवार को साफ कर दिया गया है कि वह अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगा और शनिवार से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जायेगा। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 134 अतिक्रमणकारी परिवारों को सुनवाई का पर्याप्त मौका दिया गया है और पूरी कार्यवाही कानून सम्मत तरीके से ही की जा रही है।







