रुद्रपुर। अंधविश्वास का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को रुपये डबल करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में ऊधम सिंह नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने ‘जिन्न/जिन्नात’ के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर ग्रामीणों से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठग ली और इसी पैसे से आलीशान मकान व महंगी गाड़ियां खरीदीं। पुलिस के अनुसार कोतवाली आईटीआई में बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद की शिकायत पर मामला सामने आया, जिसमें बताया गया कि गांव के सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि बाबा पर जिन्नात आता है जो पैसे डबल कर देता है।करीब एक वर्ष पहले आयोजित एक धार्मिक जलसे से शुरू हुआ यह खेल धीरे-धीरे कई कथित योजनाओं में बदल गया, जिनमें लोगों से मासिक रकम जमा कर अधिक पैसा लौटाने का लालच दिया जाता था।

घर-घर प्रचार कर अशिक्षित और जरूरतमंद लोगों को जाल में फंसाया गया और यह भी प्रचारित किया गया कि बाबा से जुड़े लोगों के पास जिन्नात के कारण लगातार पैसा आ रहा है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ठगी की रकम से लाखों रुपये खर्च कर मकान, प्लॉट और वाहन खरीदे। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस दबाव बढ़ने पर आरोपी उत्तर प्रदेश भाग गए, जिन्हें रामपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अंधविश्वास फैलाकर लोगों की जमा पूंजी हड़पने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और ठगी की रकम व संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि रुपये डबल करने या किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से जुड़ी योजनाओं से सावधान रहें और ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।







