- आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को दिए निर्देश
- ओवररेटिंग पर रोक और शिप्रा नदी में नहाने पर पाबंदी की तैयारी
- मंदिर में हेड काउंट कैमरे लगाने के भी निर्देश
नैनीताल। कैंचीधाम में वीकेंड पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी तेज कर दी है। आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे होटल की अग्रिम बुकिंग कराने के बाद ही कैंचीधाम पहुंचें। आयुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, एआरटीओ और जिला पर्यटन अधिकारी को वीकेंड पर आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को टैक्सी और बाइक की नियमित जांच करने तथा विकास भवन पार्किंग और सेनिटोरियम में विभागीय बूथ स्थापित करने को कहा गया। बैठक में नैनीताल के बारापत्थर क्षेत्र में वीकेंड पर लगने वाले जाम का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि टोल पास की कम चौड़ाई के कारण जाम की स्थिति बनती है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने वीकेंड पर यातायात बाधित न होने देने के निर्देश दिए।

कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की ओवररेटिंग रोकने के लिए आयुक्त ने सभी दुकानदारों को रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। वहीं, शिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के नहाने पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। मंदिर समिति को श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए हेड काउंट कैमरे लगाने और मंदिर के गेटों को 15 दिन के भीतर स्वचालित तरीके से खोलने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि भीड़ का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सके। आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित विभागों को सड़कों को गड्ढामुक्त करने और निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों पर डामरीकरण और पैचवर्क का काम जारी है। आयुक्त ने सभी कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में आईजी कुमाऊं नवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसई एनएच मनोहर सिंह, एसई लोनिवि राजेश पंत, आरटीओ (ई) अरविंद पांडे, एडीएम विवेक राय, प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार सहित मंदिर समिति, व्यापारी संघ, टैक्सी यूनियन और केमू यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
