- आपदा प्रभावित कारोबारियों को राहत
- बाजारों में सड़क-नाली निर्माण को प्राथमिकता
- पर्यटन पंजीकरण होगा सरल, चारधाम मार्ग पर बढ़ेंगी पार्किंग सुविधाएं
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापारी हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत, उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन, पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण का सरलीकरण, चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग और बाजारों में सड़क-नाली निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों की भूमिका केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वे रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और राज्य के विकास में अहम योगदान देते हैं। सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। इसी सोच के साथ व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा समस्याओं के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित कर व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें। इसके साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई। पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।

चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन कदमों से व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के साथ स्थानीय बाजारों में सुविधाएं बेहतर करने पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिह्नित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के व्यापारी स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित कर सकें। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। उन्होंने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
