- समाजसेवी उवैस राजा ने चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
- मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही और अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच की मांग
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में मरीजों के उपचार को लेकर कथित लापरवाही और अव्यवस्थाओं का मामला सामने आया है। समाजसेवी उवैस राजा ने अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में डायलिसिस सेंटर का संचालन कर रहे ठेकेदार और संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई गई है। उवैस राजा ने ज्ञापन में कहा कि डायलिसिस कराने वाले मरीज पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने मरीजों को समय पर उपचार, प्रशिक्षित कर्मचारियों की सेवाएं, स्वच्छता और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई।
ज्ञापन में डायलिसिस सेंटर में उपलब्ध मशीनों की स्थिति, साफ-सफाई, संक्रमण से बचाव की व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही सेंटर का संचालन कर रहे ठेकेदार की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी योग्यता का भी सत्यापन कराने को कहा गया है। समाजसेवी ने कहा कि यदि जांच में ठेकेदार या उसके कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की भी मांग की गई है। वहीं, कथित लापरवाही से किसी मरीज को नुकसान पहुंचने की स्थिति में जिम्मेदारी तय कर पीड़ित को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। उवैस राजा ने चिकित्सा अधीक्षक से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और जांच के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से की गई कार्रवाई से उन्हें लिखित रूप में अवगत कराने की मांग भी की गई है।
