- ABVP, NSUI और बागी प्रत्याशी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
- पुलिस ने रैली में शामिल वाहनों के नंबर किए नोट, छात्र नेताओं की होगी पहचान
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े मोतीराम बाबूराम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमबीपीजी) में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बजते ही शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान माहौल गरमा गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत सभी 11 पदों के लिए नामांकन भारी पुलिस सुरक्षा के बीच कराया गया, लेकिन कॉलेज परिसर के बाहर छात्र नेताओं और समर्थकों के शक्ति प्रदर्शन ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी। जुलूस और नारेबाजी को लेकर छात्रों की पुलिस से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस की ओर से नामांकन के दौरान जुलूस और शक्ति प्रदर्शन पर रोक के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी समर्थकों के साथ कॉलेज के आसपास पहुंचे और जोरदार नारेबाजी करते हुए शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच कई बार तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति को आगे बढ़ने से रोक लिया गया।

एमबीपीजी छात्रसंघ चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद का मुकाबला खासा दिलचस्प हो गया है। अध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और ABVP से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी के बीच मुकाबला है। बागी प्रत्याशी के मैदान में आने से अध्यक्ष पद की लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है और चुनावी समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। नामांकन के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों की सक्रियता से साफ है कि आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने वाली हैं। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने बताया कि 26 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से और तेज होने की संभावना है। छात्रसंघ चुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। कॉलेज के करीब 12 हजार छात्र-छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कॉलेज प्रशासन और पुलिस की ओर से चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कॉलेज के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद रैलियां निकाली गईं। एसपी सिटी के मुताबिक रैली और प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसके साथ ही रैली में इस्तेमाल किए गए वाहनों के नंबर भी पुलिस ने नोट किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों को पहले ही किसी भी तरह की अराजकता नहीं फैलाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए जुलूस और प्रदर्शन किए गए। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के पहले ही दिन हुए हंगामे के बाद अब पुलिस और कॉलेज प्रशासन की निगाहें आगामी चुनावी गतिविधियों पर टिकी हैं। 29 सितंबर को होने वाले मतदान तक कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।
