काशीपुर में अवैध डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़, 21 दिन में 45,453 आउटगोइंग कॉल! STF ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

  • NS Enterprise की आड़ में चल रहा था संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप
  • ILD गेटवे बाईपास और रोबो कॉलिंग के शक में कार्रवाई
  • कंप्यूटर, राउटर और नेटवर्किंग उपकरण बरामद

काशीपुर। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में कथित अवैध टेलीकॉम नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार, NS Enterprise के नाम से संचालित संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप के जरिए SIP कनेक्शन का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉल गेटवे को बाईपास करने और ऑटोमेटेड यानी रोबो कॉलिंग किए जाने की आशंका थी। जांच में 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई है। मौके से कंप्यूटर, राउटर, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए गए हैं। एसटीएफ की ओर से 29 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों तथा अवैध टेलीकॉम नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ एवं साइबर नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट, रुद्रपुर की टीम ने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की।

काशीपुर में अवैध डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़, 21 दिन में 45,453 आउटगोइंग कॉल! STF ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, काशीपुर में संदिग्ध टेलीकॉम गतिविधियों से संबंधित तकनीकी इनपुट मिलने के बाद मौके पर निरीक्षण और जांच की गई। इस दौरान मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के मनकुआ मकसूदपुर निवासी नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं, रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1) और 42(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ के अनुसार, मौके पर मिले कंप्यूटर सिस्टम में लिनक्स आधारित वर्चुअल मशीन, FreePBX लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और SSH क्लाइंट से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। कंप्यूटर में व्हाट्सएप वेब से जुड़े साक्ष्य भी मिले, जिनमें SIP ट्रंक, SIP केबल और इंटरनेट कनेक्शन को लेकर बातचीत होने की बात सामने आई है। जांच टीम ने सिस्टम लॉग, वर्चुअल मशीन से संबंधित तकनीकी डेटा, कंप्यूटर की रैम का डंप और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

काशीपुर में अवैध डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़, 21 दिन में 45,453 आउटगोइंग कॉल! STF ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मौके से एक कंप्यूटर, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक SETU VTEP उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियां इन उपकरणों और डिजिटल लॉग की मदद से कॉलिंग गतिविधियों की प्रकृति तथा संभावित नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं। एसटीएफ का कहना है कि संदिग्ध सेटअप के संचालन में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, SIP कनेक्शन के माध्यम से ILD गेटवे बाईपास और रोबो कॉलिंग की आशंका को लेकर दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई है। बरामद उपकरणों के तकनीकी विश्लेषण और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने यह भी बताया कि बीते एक महीने में सिम बॉक्स और अवैध टेलीकॉम सेटअप से संबंधित तीन मुकदमे दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पुलिस ने लोगों से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

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