- हल्द्वानी के बनभूलपुरा और कालाढूंगी के पीड़ितों की रकम भी सुरक्षित कराने में मिली मदद
- एपीके फाइल और फर्जी अपडेट लिंक से ठगी के मामले आए सामने
देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एसटीएफ की साइबर हेल्पलाइन टीम ने अक्टूबर के पहले 15 दिनों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की करीब 1.98 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई है। एसटीएफ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच राष्ट्रीय साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 पर मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित बैंकों और नोडल अधिकारियों से समन्वय कर कार्रवाई की गई। इस दौरान कुमाऊं के हल्द्वानी, कालाढूंगी, रामनगर, खटीमा और पंतनगर सहित कई क्षेत्रों के पीड़ितों की शिकायतों पर भी कार्रवाई हुई। एसटीएफ के मुताबिक, साइबर ठगी के मामलों में एपीके फाइल डाउनलोड कराने, फोन अपडेट लिंक और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। 9 अक्टूबर को हल्द्वानी के बनभूलपुरा निवासी मुजीरबुर्रहमान की 1.58 लाख रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत पर पूरी रकम होल्ड कराई गई। वहीं, कालाढूंगी निवासी किशन नाथ की 51,070 रुपये की शिकायत पर भी पूरी धनराशि होल्ड कराए जाने की जानकारी दी गई है। रामनगर निवासी रितेश कुमार के मामले में 81,998 रुपये की पूरी रकम होल्ड कराई गई, जबकि पंतनगर निवासी देव सिंह की शिकायत पर ठगी की 97,993 रुपये की रकम में से 66,409 रुपये से अधिक होल्ड कराए गए। रामनगर निवासी नवीन चंद्र पांडे के फेसबुक अपडेट नोटिफिकेशन लिंक से जुड़े मामले में 3.67 लाख रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत पर 2.25 लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि होल्ड कराई गई।

खटीमा निवासी विवेक सिंह राणा के मामले में भी 1.96 लाख रुपये से अधिक की ठगी के बाद 1.32 लाख रुपये से ज्यादा की रकम होल्ड कराई गई। एसटीएफ की विज्ञप्ति में देहरादून और अन्य क्षेत्रों के मामलों का भी उल्लेख है। देहरादून के पटेलनगर निवासी इरशाद की 5.64 लाख रुपये की शिकायत पर पूरी रकम होल्ड कराई गई, जबकि नेहरू कॉलोनी निवासी मनोज नौटियाल के फोन अपडेट लिंक से जुड़े मामले में 4.42 लाख रुपये से अधिक की ठगी के बाद 3.88 लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि होल्ड कराई गई। 16 अक्टूबर को काशीपुर निवासी आदेश गुप्ता की एपीके लिंक से जुड़े 6.30 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत पर भी पूरी रकम होल्ड कराने की जानकारी दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें और कमीशन के बदले खाता किराये पर देने से बचें। एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन और यूपीआई पिन किसी से साझा न करें। अनजान लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें और पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बनकर ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी देने वालों से सतर्क रहें। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
