- राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने दी सहमति
- 20 अक्टूबर तक राजभवन को उपलब्ध करानी होंगी आयोजन से जुड़ी जानकारियां
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के शैक्षणिक सत्र 2025–26 के दीक्षांत समारोह के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। राजभवन से स्वीकृति मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की तैयारियां आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दीक्षांत समारोह 18 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और शिक्षार्थियों की सफलता को सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने बुधवार, 18 नवंबर को समारोह आयोजित करने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की है। राजभवन सचिवालय की ओर से 12 अक्टूबर को जारी पत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति को समारोह की तैयारियों से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत विश्वविद्यालय को 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां और दस्तावेज राजभवन सचिवालय को उपलब्ध कराने होंगे। राजभवन के निर्देशों के अनुसार, विश्वविद्यालय को समारोह का क्षण-प्रतिक्षण कार्यक्रम, आयोजन स्थल, मंच की रूपरेखा, बैठक व्यवस्था और राज्यपाल के उद्बोधन का हिंदी आलेख तैयार कर भेजना होगा।

इसके अलावा निमंत्रण-पत्र, पोस्टर और बैकड्रॉप के प्रारूप, कार्यक्रम की कार्यविधि तथा आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों एवं अन्य अतिथियों की सूची भी निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध करानी होगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि राजभवन से स्वीकृति मिलने के बाद दीक्षांत समारोह की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और अतिथियों को आमंत्रित करने सहित सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएंगे। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों सहित विभिन्न स्थानों के शिक्षार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने और उनकी शैक्षणिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव को यादगार बनाने का अवसर होगा। समारोह में कितने शिक्षार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी और आयोजन का विस्तृत कार्यक्रम क्या होगा, इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे साझा की जाएगी। फिलहाल राजभवन के निर्देशों के अनुरूप तैयारियां पूरी करने पर विश्वविद्यालय का जोर रहेगा।
