हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने सघन सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। कप्तान नवनीत सिंह के निर्देशन में की गई कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर कूटरचित दस्तावेज, मोहरें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार सत्यापन अभियान के दौरान स्थानीय अभिसूचना इकाई के सहयोग से चारमीनार के पीछे स्थित अलीशान होटल में संचालित तथाकथित “मानवाधिकार जनसेवा केंद्र” पर छापेमारी की गई, जहां एक युवक लोगों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करता हुआ मिला। पूछताछ में आरोपी ने खुद को बिहार निवासी बताते हुए मानवाधिकार आयोग का पदाधिकारी होने का दावा किया, लेकिन जांच में उसका पहचान पत्र भी फर्जी निकला।

जांच के दौरान बरामद जन्म प्रमाण पत्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सभी प्रमाण पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था और संबंधित अधिकारियों ने भी उन्हें फर्जी बताया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कुछ दस्तावेज ऑनलाइन तैयार करता था और कुछ इंटरनेट से मंगाकर प्रिंट निकालकर लोगों को देता था। बताया जा रहा है कि आरोपी अब तक करीब एक हजार से अधिक फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है। तलाशी के दौरान पुलिस ने 45 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, अलग-अलग मोहरें और मानवाधिकार आयोग का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। इस संबंध में कोतवाली पिरान कलियर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।







