- एसएसपी मणिकांत मिश्रा की अगुवाई में ऊधमसिंहनगर पुलिस की बड़ी सफलता, करोड़ों की ठगी और यौन शोषण का आरोपी गिरफ्तार
रुद्रपुर। जादू-टोने, वशीकरण और तंत्र-मंत्र के नाम पर भोली-भाली जनता को बेवकूफ बनाने वाला एक शातिर ठग आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। ‘मायावी इच्छाधारी बाबा’ के नाम से कुख्यात यह ठग स्वयं को बरेली के पीर जुनैद का शिष्य बताकर ‘वशीकरण की रहस्यमयी कलाओं’ का दावा करता था। इसके जाल में फंसी दर्जनों महिलाएं, लाखों रुपये की ठगी, यौन शोषण और अंधविश्वास की आड़ में चल रही आपराधिक गतिविधियों का पर्दाफाश एसएसपी मणिकांत मिश्रा की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हुआ। मामले की शुरुआत 8 जून को हुई, जब एक पीड़िता ने रुद्रपुर कोतवाली में तहरीर देकर इस ठग बाबा की करतूतों का भंडाफोड़ किया। आरोपी ने महिला को जमीन में दबे धन का लालच देकर उसके साथ बलात्कार किया, उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली और ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपये ऐंठे। बाद में 20 लाख रुपये की और मांग की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की, जिसने आधुनिक तकनीकों और सर्विलांस की मदद से 9 जून को डिग्री कॉलेज, रुद्रपुर के पास से आरोपी रामभक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब जांच आगे बढ़ी तो ठगी और धोखे की एक खौफनाक दुनिया सामने आई। इच्छाधारी बाबा न केवल वेश बदलने में माहिर था, बल्कि कभी धनी व्यवसायी, तो कभी साधु के भेष में लोगों को अपनी बातों में फंसा लेता था। महंगी किराए की गाड़ियों, महंगे वस्त्रों और प्रभावशाली बोलचाल के जरिए वह खुद को चमत्कारी सिद्ध करता था। उसके जाल में फंसे लोग उसे ईश्वर का अवतार समझकर लाखों रुपये और गहने सौंप देते थे।

उसकी ठगी की रणनीतियों में तंत्र-मंत्र का नाटक, बाल जलाकर धन उत्पन्न करने का दिखावा, ‘काले साए’ से छुटकारा दिलाने के नाम पर बकरे की बलि और यहां तक कि कुर्ते के अंदर सांप रखकर लोगों को डराने जैसी अंधविश्वासी तरकीबें शामिल थीं। कई महिलाओं को संतान प्राप्ति के नाम पर ठगना और वशीकरण की झूठी विद्या दिखाकर उनका यौन शोषण करना भी उसकी योजनाओं का हिस्सा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पूर्व में भी गंभीर अपराधों के तहत जेल जा चुका है और उसके खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, मारपीट और हत्या के प्रयास तक के मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी से समाज को न केवल एक बड़े अपराधी से मुक्ति मिली है, बल्कि यह भी साबित हो गया है कि कानून से कोई मायावी भी नहीं बच सकता। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले का त्वरित खुलासा करने वाली टीम को ₹5000 के इनाम की घोषणा कर उनके प्रयासों की सराहना की है।








