नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी हिंसा पीड़ितों को उचित मुआवजा देने के मामले में सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। इस प्रकरण की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में हुई। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र का संज्ञान लेते हुए इस मामले में जनहित याचिका दायर कर ली थी। सोमवार को इस मामले में पहली सुनवाई हुई। पीड़ितों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गयी थी। इस घटना से कुछ परिवारों पर रोजी रोटी का संकट गहरा गया।
अदालत ने सरकार से पूछा कि पीड़ितों को वर्ष 2020 की अधिसूचना के अनुसार मुआवजा दिया गया है या नहीं। इस मामले में प्रमुख सचिव गृह, सचिव शहरी विकास, कुमाऊं आयुक्त और नैनीताल के जिलाधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। गौरतलब है कि आठ फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में नगर निगम की भूमि से अतिक्रमण हटाये जाने के दौरान हिंसा भड़क गई थी। हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गयी थी जबकि कई घायल हो गये थे। कई वाहन भी हिंसा की भेंट चढ़ गये थे। अदालत ने सरकार को जवाब देने के लिये दस दिन की मोहलत दी है। इस मामले में दस दिन बाद सुनवाई होगी।






